urdu wazifa for problems | उर्दू वज़ीफ़ा

उर्दू वज़ीफ़ा

urdu wazifa for problems

اللھم انی اسئلک بمنک العظیم واحسانک القدیم

(अल्लाहुम्मा िन्नी As’ालुका बेमाँनिका अल -अज़ीम व ीहसनिक अल -क़दीम )

किसी ख़ास हाजत या मक़सद के लिए हज़रात यूसुफ़ ा .स की यह दुआ मुबारिक बिल ’ख़ुसूस सुबह फजर की नमाज़ के बाद (४० ) मर्तबा या इस से ज़यादह तादाद मेंi पढ़ें , अव्वल व आखिर दुरूद शरीफ पढ़ें और फिर अल्लाह पाक से अपनी हाजत तालाब करें , इंशाअल्लाह वह आपकी हाजत जल्दी पूरी हो गए और आप की हर मुश्किल इस दुआ की बदौलत आसान हो गए
.
wazifa urdu

हज़रात यूनुस ा .स की दुआ , आयत करीमा हर नमाज़ के बाद (९९ ) मर्तबा पढ़ना मुजर्रब हे और किसी ख़ास मक़सद के लिए (125000) मुकम्मल करना निहायत ाजमोदाः और मुजर्रब अमल हे और अगर आयत करीमा तहज्जुद के वक़्त यकसूई के साथ 2 घंटे पढ़ा जाए और दुआ मांगे जाए तो अल्लाह करीम इस दुआ को ज़रूर क़बूल फरमाते हैं , रोज़गार , बंदिश और रुकावट दूर करने के लिए अगर बाद नमाज़ फजर मुठी भर चावल , गंदुम या रोटी के टुकड़े वग़ैरह परिंदो में दाल कर (11111) मर्तबा (41) दिन पढ़ा जाए , इंशाअल्लाह सब रुकावटें बंदिश ख़तम हो जाए गए
.
rohani wazifa in urdu

अगर कोई शख्स कषयष रिज़्क़ की तलाश में हो या रिज़्क़ में बरकत ना होती हो या बेरोज़गारी से तंग हो बाद नमाज़ फजर से तुलू इ आफ़ताब तक यह दुआ पढ़ता रहे और बाद नमाज़ असर से मग़रिब तक ,इंशाअल्लाह कभी मायूसी ना हो गए , यह दुआ अगर ख़वातीन पढ़ती रहें तो कभी घर से बरकत ना जाए केओंकी औरत बजट इ खुद रेहमत हे

wazifa for business in urdu

वज़ीफ़ा फ़ुक़र -ो -फ़ाक़ा से घनी हनी के लिए :

 

अगर कोई शख्स मक़रूज़ हैं और फ़ुक़र व फ़ाक़ा तंगदस्ती में मुब्तिला हैं बिस्टेर पैर जाने से पहले ख़ुलूस इ दिल से अव्वल व आखिर (3×3) मर्तबा दरूद शरीफ के साथ यह दुआ (303) मर्तबा काम से काम रोज़ाना पढ़नी चाहिए अगर कोई इस से ज़यादह तादाद में पढ़े तो यह इसके हक़ में बेहतर हे आखिर में दरूद शरीफ पढ़ कर और स .मुल्क पढ़ कर बग़ैर बात किए सो जाए ,इंशाअल्लाह आप के हालात बताएं गेय इस दुआ में कितना असर हे .
wazifa in islam in urdu

یَااَیُّھَاالَّذِینَ اٰمَنُوا اِنَّمَا الخَمرُ وَالمَیسِرُوَا لاَنصَابُ وَالاَزلَامُ رِجس مِّن عَمَلِ الشَّیطٰنِ فاَجتَنِبُوہُ لَعَلَّکُم تُفلِحُونَ

(سورہ المائدہ:90)

अगर किसी का भाई , बीटा , बाप या कोई रिश्ता दर किसी बुरी आदत में मुब्तिला हो गया हो और उसकी वह आदत चुर्राना मक़सूद हो , इन बुराई का आदि शख्स जब रात को गहरी नींद सो जाए तो इसके क़रीब सरहानीय की तरफ खरे हो कर स .अल -मायेदाह की आयत एक मर्तबा इतनी आवाज़ से पढ़ें के सोने वाले की नींद ख़राब ना हो (40) दिन के इस अमल से इंशाअल्लाह आदत इ बाद से निजात मिल जाती हे , और इसके साथ दिन रत में जब भी जितनी मर्तबा पानी पिए इसपर (3) मर्तबा यह आयत डैम कर के पिए قُلنَا یٰنَارُ کُونِی بَردًا وَّسَلَاماً (سورہ الانبیاء:69 इंशाअल्लाह तमाम बुरी आदात ख़त्म हो जाएँ गए .
wazifa for success in urdu

( اَسْتَغْفِرُ اللهَ رَبِّىْ مِنْ كُلِّ ذَنْۢبٍ وَّاَتُوْبُ اِلَيْهِ )

हदीस शरीफ के मुताबिक़ अगर कोई शख्स “इस्तेग़फ़ार ” यानि हर वक़्त बा ’कसरत बा ’वुज़ू पढ़ता रहे तो इसकी तमाम परेशानियां और मुश्किलात हल हो जाती हैं और अगर जुमेरात के दिन बाद नमाज़ मग़रिब से जुम्मा के दिन बाद नमाज़ मग़रिब तक पढ़ता हे तो सिर्फ (3) जुम्मा यह अमल करने से परेशानी का हल यक़ीनी बन जाता हे , और अगर यह अमल मुसलसल जारी रखा जाए तो दुन्या व आखरत की कामयाबी व कामरानी नसीब हो गए , इंशाअल्लाह

wazifa for solving problems in urdu

80
بِسمِ اللّٰہِ الرَّحمٰنِ الرَّحِیمo فَلَن اَبرَحَ الاَرضَ حَتّٰی یَاذَنَ لِی اَبِی اَویَحکُمَ اللّٰہُ لِی وَہُوَ خَیرُالحٰکِمِینَ

अगर कोई शख्स अपनी कोई चीज़ जल्द सेल करना चाहता हो लेकिन वह चीज़ जल्दी ना सेल होती हो तो इसके लिए यह वज़ीफ़ा बोहत मुजर्रब हे , यह आयत को बा ’वुज़ू (33) मर्तबा पढ़ कर इस सामान या चीज़ पैर फूँक दें , इंशाअल्लाह जल्द फरोख्त (सेल ) हो जाए गए , अगर कोई जगह या ज़मीन सेल करना हो तो यह वज़ीफ़ा किसी हाला l जानवर का रूहानी सदक़ा दे कर (333) मर्तबा हर जुम्मा को पढ़ा जाए इंशाअल्लाह चाँद जुम्मा वज़ीफ़ा पढ़ने से फरोख्त का अमल शुरू हो जाता हे .

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *