wazifa for all problems | वज़ीफ़ा

wazifa for all problems
वज़ीफ़ा दिल की सख्ती दूर करने के लिए :
वज़ीफ़ा दिल की सख्ती दूर करने के लिए :

wazifa for all problems-fast remedies |वज़ीफ़ा दिल की सख्ती दूर करने के लिए

ثُمَّ قَسَتْ قُلُوبُكُم مِّن بَعْدِ ذَلِكَ فَهِيَ كَالْحِجَارَةِ أَوْ أَشَدُّ قَسْوَةً وَإِنَّ مِنَ الْحِجَارَةِ لَمَا يَتَفَجَّرُ مِنْهُ الأَنْهَارُ وَإِنَّ مِنْهَا لَمَا يَشَّقَّقُ فَيَخْرُجُ مِنْهُ الْمَاء وَإِنَّ مِنْهَا لَمَا يَهْبِطُ مِنْ خَشْيَةِ اللّهِ وَمَا اللّهُ بِغَافِلٍ عَمَّا تَعْمَلُونَ

سورة البقرة(74

(1)जिस का दिल किसी से सख्त हो जाए या अपने घर वालो से तंगी करे और मिज़ाज बिगरर जाए तो एक कोरी नई पाक ठीकरी ले कर उस शख्स का नाम उस ठीकरी पैर लिखे और शहद जिस को आंच ना लगी होऔर अंगोरी सिरका ले कर यह आयत इसके नाम के गिर्द लिखे और इस ठीकरी को पानी में दाल दें जहाँ से वह पानी पीटा हो .

(2)इसी तरह अगर गाये (काऊ ) या बकरी का दूध काम हो जाए तो कोरे तांबे के बर्तन में यह ाएत लिख कर और पाक पानी से धो कर इस जानवर को पिलाया जाए ,इंशाअल्लाह दूध बढ़े गए .

Wazifa for Zalim ko zulm sey rokney key liay
Wazifa for Zalim ko zulm sey rokney key liay

wazifa for all problems |वज़ीफ़ा फॉर ज़ालिम को ज़ुल्म से रोकने के लिए

وَإِذْ أَخَذْنَا مِيثَاقَكُمْ وَرَفَعْنَا فَوْقَكُمُ الطُّورَ خُذُوا مَا آتَيْنَاكُمْ بِقُوَّةٍ وَاسْمَعُوا ۖ قَالُوا سَمِعْنَا وَعَصَيْنَا وَأُشْرِبُوا فِي قُلُوبِهِمُ الْعِجْلَ بِكُفْرِهِمْ ۚ قُلْ بِئْسَمَا يَأْمُرُكُمْ بِهِ إِيمَانُكُمْ إِنْ كُنْتُمْ مُؤْمِنِينَ

जो शख्स अपनी ज़हानत से ज़ुल्म के तरीके इजाद कर के लोगो को तकलीफ देता हो और उसको मसलूब अल -फेहम करना हो यानि कोई बात समझ ना आये तो यह आयत हफ्ता के दिन किसी मिठाये पैर लिख कर उसको नहार मौन खिला डे ,इंशाअल्लाह फिर कोई बात इसकी समझ नहीं आये गए .

वज़ीफ़ा For Jadoo,टोना ,Sehar aur नज़र bad:

وَاتَّبَعُوا مَا تَتْلُو الشَّيَاطِينُ عَلَىٰ مُلْكِ سُلَيْمَانَ ۖ وَمَا كَفَرَ سُلَيْمَانُ وَلَٰكِنَّ الشَّيَاطِينَ كَفَرُوا يُعَلِّمُونَ النَّاسَ السِّحْرَ وَمَا أُنزِلَ عَلَى الْمَلَكَيْنِ بِبَابِلَ هَارُوتَ وَمَارُوتَ ۚ وَمَا يُعَلِّمَانِ مِنْ أَحَدٍ حَتَّىٰ يَقُولَا إِنَّمَا نَحْنُ فِتْنَةٌ فَلَا تَكْفُرْ ۖ فَيَتَعَلَّمُونَ مِنْهُمَا مَا يُفَرِّقُونَ بِهِ بَيْنَ الْمَرْءِ وَزَوْجِهِ ۚ وَمَا هُم بِضَارِّينَ بِهِ مِنْ أَحَدٍ إِلَّا بِإِذْنِ اللَّهِ ۚ وَيَتَعَلَّمُونَ مَا يَضُرُّهُمْ وَلَا يَنفَعُهُمْ ۚ وَلَقَدْ عَلِمُوا لَمَنِ اشْتَرَاهُ مَا لَهُ فِي الْآخِرَةِ مِنْ خَلَاقٍ ۚ وَلَبِئْسَ مَا شَرَوْا بِهِ أَنفُسَهُمْ ۚ لَوْ كَانُوا يَعْلَمُونَ

سوره : البقرة آیه :102

यह आयत कोरे (नई ) तांबे के बर्तन में लिख कर इसको कुंदेर की धोनी डे कर पानी से धो कर पिलाया जाए और घर में चिररक दिया जाए तो जादू का असर जाता रहे गए और इस घर में किसी को जादू का असर ना होगा और अगर इस पानी से इस शख्स को घुसल दिया जाए जिस को जादू या नज़र बाद का असर हो तो इंशाअल्लाह इसका असर दूर हो जाए गए .

evil eye wazifa |Wazifa for Falij,Laqwah:

evil-eye-wazifa
evil-eye-wazifa

قَدْ نَرَى تَقَلُّبَ وَجْهِكَ فِي السَّمَاء فَلَنُوَلِّيَنَّكَ قِبْلَةً تَرْضَاهَا فَوَلِّ وَجْهَكَ شَطْرَ الْمَسْجِدِ الْحَرَامِ وَحَيْثُ مَا كُنتُمْ فَوَلُّواْ وُجُوِهَكُمْ شَطْرَهُ وَإِنَّ الَّذِينَ أُوْتُواْ الْكِتَابَ لَيَعْلَمُونَ أَنَّهُ الْحَقُّ مِن رَّبِّهِمْ وَمَا اللّهُ بِغَافِلٍ عَمَّا يَعْمَلُونَ

سوره : البقرة آیه : 144

यह आयत फालिज और लक़वह के लिए मुफीद हे जो शख्स इसमें मुब्तिला हो तांबे के बर्तन को साफ़ कर के इस में यह आयत मुश्क , गुलाब से लिख कर पानी से धो कर लकवा वाले का मौन धोया जाए और मौन धोनी के बाद इस बर्तन में (3) घंटे तक नज़र रखे इस तरह (3) दिन तक करे और फालिज वाले पैर वह पानी चिररका जाए .

wazifa for shifa |वज़ीफ़ा भागे होये की वापिसी और चोर के लिए 

wazifa-to-bring-lost
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وَ لِکُلِّ وِجۡھَۃٌ ھُوَ مُوِلِّیھٰا فَاسۡتَبِقُوا الۡخَیۡرٰاتِ اَیۡنَ مٰا تَکُونُوا یَاۡتِ بکُمُ اللہُ جَمِیعاً اِنَّ اللہَ عَلیٰ کُلِّ شَیٍٔ قَدیرٌ

इस आयत को एक नई कपड़े के गोल कटे होये कपड़े पैर लिख कर इसमें चोर या भागे होये आदमी का नाम लिख कर जिस मकान से कोई भागा हे इसकी दीवार में कील से गड दें ,इंशाअल्लाह चोरी का माल और भगा होआ शख्स वापिस आ जाये गए .

wazifa to bring lost

Wazifa Ghar mei Sanp,bicho,machar wagherah key liay:

 Wazifa Ghar mei Sanp,bicho,machar wagherah key liay

Wazifa Ghar mei Sanp,bicho,machar wagherah key liay

أَلَمْ تَرَ إِلَى الَّذِينَ خَرَجُوا مِن دِيَارِهِمْ وَهُمْ أُلُوفٌ حَذَرَ الْمَوْتِ فَقَالَ لَهُمُ اللَّهُ مُوتُوا ثُمَّ أَحْيَاهُمْ ۚ إِنَّ اللَّهَ لَذُو فَضْلٍ عَلَى النَّاسِ وَلَٰكِنَّ أَكْثَرَ النَّاسِ لَا يَشْكُرُونَ (243

एक बर्तन में आयत स्याही से लिख कर शिरः बर्ग नोफ़ या शिरः बर्ग जैतून से धो कर घर में चिररकने से जिस क़दर सांप , बीचो , पिस्सो ,मचार वग़ैरह हों गेय , इंशाअल्लाह सब मर जाएँ गेय और जुमेरात के दिन सेहर के वक़्त जैतून की पत्तियों पैर लिख कर एक पट्टी घर में
कहें दफ़न कर दिया जाए तो कोई मचार बाक़ी नहीं रहे गए .

wazifa protection

Wazifa Shetani waswas aur Nuqsan sey hifazat key liay:

اللّهُ لاَ إِلَـهَ إِلاَّ هُوَ الْحَيُّ الْقَيُّومُ لاَ تَأْخُذُهُ سِنَةٌ وَلاَ نَوْمٌ لَّهُ مَا فِي السَّمَاوَاتِ وَمَا فِي الأَرْضِ مَن ذَا الَّذِي يَشْفَعُ عِنْدَهُ إِلاَّ بِإِذْنِهِ يَعْلَمُ مَا بَيْنَ أَيْدِيهِمْ وَمَا خَلْفَهُمْ وَلاَ يُحِيطُونَ بِشَيْءٍ مِّنْ عِلْمِهِ إِلاَّ بِمَا شَاءَ وَسِعَ كُرْسِيُّهُ السَّمَاوَاتِ وَالأَرْضَ وَلاَ يَؤُودُهُ حِفْظُهُمَا وَهُوَ الْعَلِيُّ الْعَظِيمُ

لاَ إِكْرَاهَ فِي الدِّينِ قَد تَّبَيَّنَ الرُّشْدُ مِنَ الْغَيِّ فَمَنْ يَكْفُرْ بِالطَّاغُوتِ وَيُؤْمِن بِاللّهِ فَقَدِ اسْتَمْسَكَ بِالْعُرْوَةِ الْوُثْقَىَ لاَ انفِصَامَ لَهَا وَاللّهُ سَمِيعٌ عَلِيمٌ

اللّهُ وَلِيُّ الَّذِينَ آمَنُواْ يُخْرِجُهُم مِّنَ الظُّلُمَاتِ إِلَى النُّوُرِ وَالَّذِينَ كَفَرُواْ أَوْلِيَآؤُهُمُ الطَّاغُوتُ يُخْرِجُونَهُم مِّنَ النُّورِ إِلَى الظُّلُمَاتِ أُوْلَـئِكَ أَصْحَابُ النَّارِ هُمْ فِيهَا خَالِدُونَ

(سورۃ آل عمران)

जो शख्स इन आयत को हर नमाज़ के बाद पढ़ा करे शैतान के वस्वसा और सरकश शयातीन के नुकसान से मेहफ़ूज़ रहे गए और फ़क़ीर से घनी हो जाए और ऐसे तरीके से रिज़्क़ मिले के गुमान भी ना हो और जो इसको घर जाते वक़्त और बिस्टेर पैर लेते वक़्त पढ़ा करे तो चोरी और ग़र्क़ और जलने से मेहफ़ूज़ रहे और जो इसको लिख कर अपनी दुकान या माकन में किसी ऊंची जगह रख डे तो रिज़्क़ बढ़े कभी फ़ाक़ा न हो और कभी चोर वहां ना आये गए .

wazifa shaytan

Wazifa Zalim Dushman sey Nijat:

يَا أَيُّهَا الَّذِينَ آمَنُوا لا تُبْطِلُوا صَدَقَاتِكُمْ بِالْمَنِّ وَالْأَذَى كَالَّذِ

Wazifa Shetani waswas aur Nuqsan sey hifazat key liay
Wazifa Shetani waswas aur Nuqsan sey hifazat key liay

ي يُنْفِقُ مَالَهُ رِئَاءَ النَّاسِ وَلا يُؤْمِنُ بِاللَّهِ وَالْيَوْمِ الْآخِرِ فَمَثَلُهُ كَمَثَلِ صَفْوَانٍ عَلَيْهِ تُرَابٌ فَأَصَابَهُ وَابِلٌ فَتَرَكَهُ صَلْداً لا يَقْدِرُونَ عَلَى شَيْءٍ مِمَّا كَسَبُوا وَاللَّهُ لا يَهْدِي الْقَوْمَ الْكَافِرِينَ

(البقرة:264)

अगर कोई ज़ालिम दुश्मन हो और इसको वीरान करना मंज़ूर हो हफ्ता के दिन एक कच्ची ठीकरी तैयार करो और किसी पुराने क़ब्रिस्तान की मट्टी हफ्ता के दिन लो और थोड़ी मट्टी वीरान घर की लो और थोड़ी मट्टी खली घर की ,जहाँ के रहने वाले मर गए हों इस आयत को ठीकरी पैर लिखो और बारीक पीस कर दूसरे मट्टी में मिलाओ फिर इनसब को मिला कर इस ज़ालिम के घर हफ्ता की पहली सा ’ात बहकर दें .

wazifa jinn

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Wazifa Quwwat e Hafiza aur tezi zehan key liay:

هُوَ الَّذِي أَنزَلَ عَلَيْكَ الْكِتَابَ مِنْهُ آيَاتٌ مُّحْكَمَاتٌ هُنَّ أُمُّ الْكِتَابِ وَأُخَرُ مُتَشَابِهَاتٌ ۖ فَأَمَّا الَّذِينَ فِي قُلُوبِهِمْ زَيْغٌ فَيَتَّبِعُونَ مَا تَشَابَهَ مِنْهُ ابْتِغَاءَ الْفِتْنَةِ وَابْتِغَاءَ تَأْوِيلِهِ ۗ وَمَا يَعْلَمُ تَأْوِيلَهُ إِلَّا اللَّهُ ۗ وَالرَّاسِخُونَ فِي الْعِلْمِ يَقُولُونَ آمَنَّا بِهِ كُلٌّ مِّنْ عِندِ رَبِّنَا ۗ وَمَا يَذَّكَّرُ إِلَّا أُولُو الْأَلْبَابِ (7) رَبَّنَا لَا تُزِغْ قُلُوبَنَا بَعْدَ إِذْ هَدَيْتَنَا وَهَبْ لَنَا مِن لَّدُنكَ رَحْمَةً ۚ إِنَّكَ أَنتَ الْوَهَّابُ (8) رَبَّنَا إِنَّكَ جَامِعُ النَّاسِ لِيَوْمٍ لَّا رَيْبَ فِيهِ ۚ إِنَّ اللَّهَ لَا يُخْلِفُ الْمِيعَادَ (9

यह आयत क़ुव्वत इ हाफ़िज़ा व तेज़ी ज़ेहन के लिए मुफीद हे जुम्मा के दिन सबज़ काग़ज़ पैर ज़ाफ़रान व गुलाब से लिख कर नहर के पानी से धो कर नहर मौन (7) जुम्मा तक सूरज निकलने से पहले पिए और इस दिन कोई घोषत ना खाये ,इंशाअल्लाह मुराद हासिल होंगे .

Wazifa Wussat e Rizq wa Ilm e Deen:

قُلِ اللَّهُمَّ مَالِكَ الْمُلْكِ تُؤْتِي الْمُلْكَ مَن تَشَاء وَتَنزِعُ الْمُلْكَ مِمَّن تَشَاء وَتُعِزُّ مَن تَشَاء وَتُذِلُّ مَن تَشَاء بِيَدِكَ الْخَيْرُ إِنَّكَ عَلَىَ كُلِّ شَيْءٍ قَدِيرٌ{26} تُولِجُ اللَّيْلَ فِي الْنَّهَارِ وَتُولِجُ النَّهَارَ فِي اللَّيْلِ وَتُخْرِجُ الْحَيَّ مِنَ الْمَيِّتِ وَتُخْرِجُ الَمَيَّتَ مِنَ الْحَيِّ وَتَرْزُقُ مَن تَشَاء بِغَيْرِ حِسَابٍ{27} الآية آل عمران,27,26

(1)Jo shakhs kasrat sey in aayat ko farz namaz key bad aur nawafil key bad aur sotey waqt parha karey isko rozi aur wussat naseeb ho aur iskey maal mei taraqqi ho aur tang’dasti door ho.

(2)जो इल्म केमिया का तालिब हो या किसी मख़फ़ी इल्म को मालूम करना चाहे तो अव्वल घुसल करे और लगातार (40) रोज़े रखे और हलाल ग़िज़ा से अफ्तार करे और हर शब् सोते वक़्त स .शम्स , व ’ले l, और वाददुः और आलम नाशरह पढ़ कर दुआ करे के इलाही फलां इल्म जो अक्सर मख्लूक़ से पोशीदः हे मेरे लिए आसान कर दे,इंशाअल्लाह बेदारी या खवाब में कोई बता जाए गए .

wazifa-knowledge
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Wazifa Hifazat bacha wa Hamal:

إِذْ قَالَتِ امْرَأَتُ عِمْرَانَ رَبِّ إِنِّي نَذَرْتُ لَكَ مَا فِي بَطْنِي مُحَرَّرًا فَتَقَبَّلْ مِنِّي ۖ إِنَّكَ أَنتَ السَّمِيعُ الْعَلِيمُ (35) فَلَمَّا وَضَعَتْهَا قَالَتْ رَبِّ إِنِّي وَضَعْتُهَا أُنثَىٰ وَاللَّهُ أَعْلَمُ بِمَا وَضَعَتْ وَلَيْسَ الذَّكَرُ كَالْأُنثَىٰ ۖ وَإِنِّي سَمَّيْتُهَا مَرْيَمَ وَإِنِّي أُعِيذُهَا بِكَ وَذُرِّيَّتَهَا مِنَ الشَّيْطَانِ الرَّجِيمِ (36) فَتَقَبَّلَهَا رَبُّهَا بِقَبُولٍ حَسَنٍ وَأَنبَتَهَا نَبَاتًا حَسَنًا وَكَفَّلَهَا زَكَرِيَّا ۖ كُلَّمَا دَخَلَ عَلَيْهَا زَكَرِيَّا الْمِحْرَابَ وَجَدَ عِندَهَا رِزْقًا ۖ قَالَ يَا مَرْيَمُ أَنَّىٰ لَكِ هَٰذَا ۖ قَالَتْ هُوَ مِنْ عِندِ اللَّهِ ۖ إِنَّ اللَّهَ يَرْزُقُ مَن يَشَاءُ بِغَيْرِ حِسَابٍ (37

(1)यह आयत हिफाज़त हमाल और बच्चों को अफाट नज़र बाद और दीगर अयूब से मेहफ़ूज़ रखने के लिए मुफीद हैं इन आयत को गुलाब व ज़ाफ़रान से हिरन की झाली पैर लिख कर औरत की दहनी कोख पैर बांध दें वज़ा हमाल तक बंधा रहे ,इंशाअल्लाह तमाम आफत से हिफाज़त रहे गए .

(2)अगर मुश्क व ज़ाफ़रान से लिख कर तांबे या लोहे की नलक i में रख कर बचा के गले में लटका दिया जाए तो रोने और डरने और बाद खवाबी से हिफाज़त रहे और मान के थोड़े से दूध पैर आसोदह हो जाए और अगर दूध काम हो तो बढ़ जाए बचे की खूब नशोनुमा हो .

wazifa hamal urdu

Wazifa for Mohabbat:

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وَاعْتَصِمُوا بِحَبْلِ اللَّهِ جَمِيعًا وَلَا تَفَرَّقُوا ۚ وَاذْكُرُوا نِعْمَتَ اللَّهِ عَلَيْكُمْ إِذْ كُنتُمْ أَعْدَاءً فَأَلَّفَ بَيْنَ قُلُوبِكُمْ فَأَصْبَحْتُم بِنِعْمَتِهِ إِخْوَانًا وَكُنتُمْ عَلَىٰ شَفَا حُفْرَةٍ مِّنَ النَّارِ فَأَنقَذَكُم مِّنْهَا ۗ كَذَٰلِكَ يُبَيِّنُ اللَّهُ لَكُمْ آيَاتِهِ لَعَلَّكُمْ تَهْتَدُونَ (103) وَلْتَكُن مِّنكُمْ أُمَّةٌ يَدْعُونَ إِلَى الْخَيْرِ وَيَأْمُرُونَ بِالْمَعْرُوفِ وَيَنْهَوْنَ عَنِ الْمُنكَرِ ۚ وَأُولَٰئِكَ هُمُ الْمُفْلِحُونَ (104

अगर अरूज माह में दोशांबा के रोज़ हिरन की झाली पैर टूट के अर्क से लिख कर आखिर में फलां बन फलां लिखे , और फलां बन फलां की जगह उनका नाम लिखे जिन में मोहब्बत पैदा करनी हो और तालिब के बाज़ू पैर बंधे मतलूब मेहरबान हो जाए गए , अगर अदावत होंगे दोस्ती में बदल जाये गए अगर ग़ुस्सा होगा तो मेहरबान हो जाये गए .

Wazifa for Enemy:

لَن یَضرُّوکمْ إِلا أَذًی وَ إِن یُقَتِلُوکُمْ یُوَلُّوکُمُ الاَدْبَارَ ثُمَّ لا یُنصرُونَ(111

ضرِبَت عَلَیهِمُ الذِّلَّةُ أَیْنَ مَا ثُقِفُوا إِلا بحَبْلٍ مِّنَ اللَّهِ وَ حَبْلٍ مِّنَ النَّاسِ وَ بَاءُو بِغَضبٍ مِّنَ اللَّهِ وَ ضرِبَت عَلَیهِمُ الْمَسکَنَةُ ذَلِک بِأَنَّهُمْ کانُوا یَکْفُرُونَ بِئَایَتِ اللَّهِ وَ یَقْتُلُونَ الاَنبِیَاءَ بِغَیرِ حَقٍّ ذَلِک بِمَا عَصوا وَّ کانُوا یَعْتَدُونَ(112

यह आयत दुश्मन पैर फतह और इसको जंग से रोकने के लिए हैं , तलवार , ढाल , या किसी हथ्यार पैर षणबाह के रोज़ छाती सा ’ात में इसको कांडः करवा ले और कांडः करने वाला रोज़ा से हो वह हथ्यार ले कर जो दुश्मन के मुक़ाबिला में जाए गए फतह पाए गए .

Wazifa Dushman ya zalim key khof sey nijat:

wazifa-dushman
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إِذْ هَمَّت طَّائِفَتَانِ مِنكُمْ أَن تَفْشَلَا وَاللَّهُ وَلِيُّهُمَا ۗ وَعَلَى اللَّهِ فَلْيَتَوَكَّلِ الْمُؤْمِنُونَ (122) وَلَقَدْ نَصَرَكُمُ اللَّهُ بِبَدْرٍ وَأَنتُمْ أَذِلَّةٌ ۖ فَاتَّقُوا اللَّهَ لَعَلَّكُمْ تَشْكُرُونَ (123) إِذْ تَقُولُ لِلْمُؤْمِنِينَ أَلَن يَكْفِيَكُمْ أَن يُمِدَّكُمْ رَبُّكُم بِثَلَاثَةِ آلَافٍ مِّنَ الْمَلَائِكَةِ مُنزَلِينَ (124) بَلَىٰ ۚ إِن تَصْبِرُوا وَتَتَّقُوا وَيَأْتُوكُم مِّن فَوْرِهِمْ هَٰذَا يُمْدِدْكُمْ رَبُّكُم بِخَمْسَةِ آلَافٍ مِّنَ الْمَلَائِكَةِ مُسَوِّمِينَ (125) وَمَا جَعَلَهُ اللَّهُ إِلَّا بُشْرَىٰ لَكُمْ وَلِتَطْمَئِنَّ قُلُوبُكُم بِهِ ۗ وَمَا النَّصْرُ إِلَّا مِنْ عِندِ اللَّهِ الْعَزِيزِ الْحَكِيمِ (126

यह आयत खौफ दुश्मन व ज़ालिम और जिन व इंसान के खौफ के लिए हैं , इनको जुम्मा की शब् निस्फ़ शब् के वक़्त बा ’वुज़ू लिखे फिर कातिब सुबह की नमाज़ पढ़ कर तुलू इ आफ़ताब तक तस्बीह व ज़िक्र में मशग़ूल रहे जब सूरज बुलंद हो जाए तो (2) रकत नफल पढ़े , फिर ताज़ह वुज़ू कर के यह आयत लिख कर अपने पास रख ले ,इंशाअल्लाह मुराद हासिल हो गए .

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Wazifa for Nakseer:

wazifa-islamic
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{ وَمَا مُحَمَّدٌ إِلاَّ رَسُولٌ قَدْ خَلَتْ مِن قَبْلِهِ ٱلرُّسُلُ أَفإِنْ مَّاتَ أَوْ قُتِلَ ٱنْقَلَبْتُمْ عَلَىٰ أَعْقَابِكُمْ وَمَن يَنقَلِبْ عَلَىٰ عَقِبَيْهِ فَلَن يَضُرَّ ٱللَّهَ شَيْئاً وَسَيَجْزِي ٱللَّهُ ٱلشَّاكِرِينَ }سورة ال عمران 144

जिस को नकसीर जारी हो इस आयत को लिख कर मरीज़ की दोनों आँखों के दरमियान नाक के ऊपर बांध दे और अगर किसी औरत का
खून जारी हो जाए तो इस आयत को (3) मर्तबा लिखे एक इसके अगलेय दमन में एक पिछले में और एक ज़ेर इ नाफ बंधे .

Wazifa Eman ki mazbooti aur dil ki paki:

إنَّ فِي خَلْقِ السَّمَوَاتِ وَالأَرْضِ وَاخْتِلافِ اللَّيْلِ وَالنَّهَارِ لآيَاتٍ لأُوْلِي الأَلْبَابِ . الَّذِينَ يَذْكُرُونَ اللَّهَ قِيَامًا وَقُعُودًا وَعَلَى جُنُوبِهِمْ وَيَتَفَكَّرُونَ فِي خَلْقِ السَّمَوَاتِ وَالأَرْضِ رَبَّنَا مَا خَلَقْتَ هَذَا بَاطِلاً سُبْحَانَكَ فَقِنَا عَذَابَ النَّارِ . رَبَّنَا إنَّكَ مَن تُدْخِلِ النَّارَ فَقَدْ أَخْزَيْتَهُ وَمَا لِلظَّالِمِينَ مِنْ أَنصَارٍ . رَبَّنَا إنَّنَا سَمِعْنَا مُنَادِيًا يُنَادِي لِلإيمَانِ أَنْ آمِنُوا بِرَبِّكُمْ فَآمَنَّا رَبَّنَا فَاغْفِرْ لَنَا ذُنُوبَنَا وَكَفِّرْ عَنَّا سَيِّئَاتِنَا وَتَوَفَّنَا مَعَ الأَبْرَارِ . رَبَّنَا وَآتِنَا مَا وَعَدتَّنَا عَلَى رُسُلِكَ وَلا تُخْزِنَا يَوْمَ القِيَامَةِ إنَّكَ لا تُخْلِفُ المِيعَادَ

آل عمران: 190 ـ 194

जो शख्स हमेशा इन आयत को पढ़ा करे इसका ेमन साबित रहे और क़ल्ब पाक रहे और दुनिया व आखरत की रुस्वाई से मेहफ़ूज़ रहे और अगर लकररी के बर्तन पैर लिख कर जाम जाम के पानी से धो कर पिए जिस वक़्त रत को उठना चाहे गए उसी वक़्त आँख खुल जाए गए .

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Wazifa Dushamn ki tabahi key liay:

قُلْ يَا أَهْلَ الْكِتَابِ هَلْ تَنقِمُونَ مِنَّا إِلَّا أَنْ آمَنَّا بِاللَّهِ وَمَا أُنزِلَ إِلَيْنَا وَمَا أُنزِلَ مِن قَبْلُ وَأَنَّ أَكْثَرَكُمْ فَاسِقُونَ (59) قُلْ هَلْ أُنَبِّئُكُم بِشَرٍّ مِّن ذَٰلِكَ مَثُوبَةً عِندَ اللَّهِ ۚ مَن لَّعَنَهُ اللَّهُ وَغَضِبَ عَلَيْهِ وَجَعَلَ مِنْهُمُ الْقِرَدَةَ وَالْخَنَازِيرَ وَعَبَدَ الطَّاغُوتَ ۚ أُولَٰئِكَ شَرٌّ مَّكَانًا وَأَضَلُّ عَن سَوَاءِ السَّبِيلِ (60

यह आयत दुश्मन की तबाही व बर्बादी के लिए हैं जो शख्स न ’हक़ नुकसान देता हो और ज़ुल्म करता हो और तुम्हारे सबर व शुक्र पैर भी बाज़ ना आये तो जुमेरात का रोज़ा रखे और नमाज़ ईशा पढ़ कर इन आयत को किसी खली घर की एक मुश्त मट्टी पैर (३० ) मर्तबा पढ़ कर इस शख्स के घर में दाल दे फिर इसकी जान व माल का तमाशा देखें .

Wazifa For Rizq mei barkat:

إِذْ قَالَ الْحَوَارِيُّونَ يَا عِيسَى ابْنَ مَرْيَمَ هَلْ يَسْتَطِيعُ رَبُّكَ أَن يُنَزِّلَ عَلَيْنَا مَائِدَةً مِّنَ السَّمَاءِ ۖ قَالَ اتَّقُوا اللَّهَ إِن كُنتُم مُّؤْمِنِينَ (112) قَالُوا نُرِيدُ أَن نَّأْكُلَ مِنْهَا وَتَطْمَئِنَّ قُلُوبُنَا وَنَعْلَمَ أَن قَدْ صَدَقْتَنَا وَنَكُونَ عَلَيْهَا مِنَ الشَّاهِدِينَ (113. قَالَ عِيسَى ابْنُ مَرْ‌يَمَ اللَّـهُمَّ رَ‌بَّنَا أَنزِلْ عَلَيْنَا مَائِدَةً مِّنَ السَّمَاءِ تَكُونُ لَنَا عِيدًا لِّأَوَّلِنَا وَآخِرِ‌نَا وَآيَةً مِّنكَ ۖ وَارْ‌زُقْنَا وَأَنتَ خَيْرُ‌ الرَّ‌ازِقِينَ

यह आयत वुस्सत रिज़्क़ और बरकत और दफा तंगी के वास्ते हैं किसी पाक लकररी के बर्तन में बा ’वुज़ू लिख कर अपने पास रखे , जब ज़रुरत हो इसमें पानी भर कर जिस घर या खेत में बरकार हासिल करना मंज़ूर हो तो पानी चिररकी अगर दिल चाहे तो (3) हफ्ता लगातार पिए , इंशाअल्लाह जान व माल में खूब बरकत हो गए .

Wazifa Gham aur dard sey shifa:

وَإِن يَمْسَسْكَ اللَّهُ بِضُرٍّ فَلَا كَاشِفَ لَهُ إِلَّا هُوَ ۖ وَإِن يُرِدْكَ بِخَيْرٍ فَلَا رَادَّ لِفَضْلِهِ ۚ يُصِيبُ بِهِ مَن يَشَاءُ مِنْ عِبَادِهِ ۚ وَهُوَ الْغَفُورُ الرَّحِيمُ (107

यह आयत आखरी शब् में काग़ज़ पैर लिख कर जिस को क़ल्ब या हाथ में दर्द हो इस शख्स के बाँध दें , इंशाअल्लाह शिफा होंगे , और जिस शख्स को कसरत से ग़म या परेशानी हो इसका सबब मालूम हो या ना हो इन आयत को (7) मर्तबा पढ़ कर सो जाए जिस वक़्त जाएगी गए इंशाअल्लाह सब रंज व ग़म ख़तम हो जाए गए .

Wazifa For Istekharah:

(وَعِنْدَہُ مَفَاتِحُ الْغَیْبِ لَا یَعْلَمُہَا إِلاَّ ہُوَ وَیَعْلَمُ مَا فِی الْبَرِّ وَالْبَحْرِ وَمَا تَسْقُطُ مِنْ وَّرَقَۃٍ إِلاَّ یَعْلَمُہَا وَلَاحَبَّۃٍ فِیْ ظُلُمٰتِ الْأَرْضِ وَلَا رَطْبٍ وَّلَا یَابِسٍ إِلاَّ فِیْ کِتٰبٍ مُّبِیْنٍ)پ۷، الأنعام:۵۹

अगर कटान के कापर्रे में लिख कर सरहानीय रख कर सो जाए और अल्लाह से दुआ करे के फलां काम मालूम करना हे जिसका हाल मालूम करना मंज़ूर हो मुझ को खवाब में मालूम हो जाए ,इंशाअल्लाह इसका इंकिशाफ़ हो जाए गए .

Wazifa Dushman ki barbadi:

وَلَوْتَرٰیٓ اِذِالظّٰلِمُوْنَ فِیْ غَمَرٰتِ الْمَوْتِ وَالْمَلٰٓئِکَةُ بَاسِطُوْآ اَیْدِیْہُمْج اَخْرِجُوْآ اَنْفُسَکُمْط اَلْیَوْمَ تُجْزَوْنَ عَذَابَ الْھُوْْنِ بِمَا کُنْتُمْ تَقُوْلُوْنَ عَلَی اللّٰہِ غَیْرَ الْحَقِّ وَ کُنْتُمْ عَنْ اٰیٰتِہ تَسْتَکْبِرُوْنَ۔وَلَقَدْ جِئْتُمُوْنَا فُرَادٰی کَمَاخَلَقْٰنکُمْ اَوَّلَ مَرَّةٍ وَّ تَرَکْتُمْ مَّا خَوَّلْنٰکُمْ وَرَآءَ ظُھُوْرِکُمْ وَمَا نَرٰی مَعَکُمْ شُفَعَآءَ کُمُ الَّذِیْنَ زَعَمْتُمْ اَنَّھُمْ فِیْکُمْ شُرَکٰٓؤُاط لَقَدْ تَّقَطَّعَ بَیْنَکُمْ وَضَلَّ عَنْکُمْ مَّا کُنْتُمْ تَزْعُمُوْنَ۔

यह आयत दुश्मन की बर्बादी व खाना वीरानी के लिए हे जिस शख्स का कोई दुश्मन हो और इसके नुकसान के पीछे हो वह (3) पत्ते दरख्त बीएड के ऐतवार रोज़ तुलू आफ़ताब से पहले इस तरह ले के इसको कोई ना देखे और हर पत्ते के एक रुख पैर यह आयात लिखे और दूसरे रुख पैर उन लोगो के नाम लिखे मगर लिखते वक़्त भी कोई ना देखे फिर हर रोज़ एक पत्ता इनके पीने के पानी में दाल दे या इनके घर में जिस जगह मौक़ा हो रख दे .

Wazifa for barkat:

wazifa-hajat
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وَمَا مِن دَآبَّةٍۢ فِى ٱلْأَرْضِ إِلَّا عَلَى ٱللَّهِ رِزْقُهَا وَيَعْلَمُ مُسْتَقَرَّهَا وَمُسْتَوْدَعَهَا ۚ كُلٌّۭ فِى كِتَٰبٍۢ مُّبِينٍۢ(6)وَهُوَ ٱلَّذِى خَلَقَ ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلْأَرْضَ فِى سِتَّةِ أَيَّامٍۢ وَكَانَ عَرْشُهُۥ عَلَى ٱلْمَآءِ لِيَبْلُوَكُمْ أَيُّكُمْ أَحْسَنُ عَمَلًۭا ۗ وَلَئِن قُلْتَ إِنَّكُم مَّبْعُوثُونَ مِنۢ بَعْدِ ٱلْمَوْتِ لَيَقُولَنَّ ٱلَّذِينَ كَفَرُوٓا۟ إِنْ هَٰذَآ إِلَّا سِحْرٌۭ مُّبِينٌۭ(7

इस आयत मुबारिक को खजूर की काली के खिलाफ में जब अव्वल अव्वल निकले जुम्मा के रोज़ लिख कर अब पक्षी के कूंएं में दाल दे इस कूंएं का पानी जिस दरख़्त या फल में दिया जाए इन सब में बरकत पाकीज़गी पैदा हो और तमाम जीन व इस की नज़र बाद और सब आफत से हिफाज़त हो .

wazifa hajat

Wazifa Janwer ki hifazat key liay:

{ وَهُوَ الَّذِي أَنْشَأَ جَنَّاتٍ مَعْرُوشَاتٍ وَغَيْرَ مَعْرُوشَاتٍ وَالنَّخْلَ وَالزَّرْعَ مُخْتَلِفًا أُكُلُهُ وَالزَّيْتُونَ وَالرُّمَّانَ مُتَشَابِهًا وَغَيْرَ مُتَشَابِهٍ كُلُوا مِنْ ثَمَرِهِ إِذَا أَثْمَرَ وَآتُوا حَقَّهُ يَوْمَ حَصَادِهِ وَلَا تُسْرِفُوا إِنَّهُ لَا يُحِبُّ الْمُسْرِفِينَ }

इस ाएत शरीफ को जैतून की तख्ती पैर लिख कर या कांडः कर के बाघ के दरवाज़े पैर लगा दे तो फल खूब पैदा हो अगर चमड़े पैर लिख कर जानवर के गले में बाँध दिया जाए तो इन में कसरत ज़ाहिर हो और सब आफत से मेहफ़ूज़ रहें .

Wazifa Toba ki tofeeq wa Ita’at key liay:

يَا بَنِي آدَمَ قَدْ أَنزَلْنَا عَلَيْكُمْ لِبَاساً يُوَارِي سَوْءَاتِكُمْ وَرِيشاً وَلِبَاسُ التَّقْوَىَ ذَلِكَ خَيْرٌ ذَلِكَ مِنْ آيَاتِ اللّهِ لَعَلَّهُمْ يَذَّكَّرُونَ (26

जुमेरात के रोज़ अरूज माह में नया कुरता पहन कर (2) रकत शुक्राना के पढ़े , फिर यह आयत कांच के बर्तन पैर चम्बेली के आयल से लिख कर गुलाब से धो कर वह आयल अपने चेहरे पैर माली फिर जैतून के पत्ते पैर यह आयात लिख कर इसी कुरता के गिरेबान में रखने से ,इंशाअल्लाह इसके पहने वाले को हमेशा तोबा की तौफ़ीक़ व ईटा ’ात रहे गए .

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